राजस्थान का अप्रवाह तंत्र | Rajasthan Geography

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Rajasthan ka Apwah Tantra

अप्रवाह तंत्र – Rajasthan ka Apwah Tantra

  • सर्वाधिक नदियाँ- कोटा संभाग
  • न्यूनतम नदियाँ- बीकानेर, चूरू जिले में

चम्बल-

  • कुल लम्बाई 965/966 किमी.
  • उद्गम- जनापाव की पहाड़ी महू (मध्य प्रदेश)
  • राजस्थान की सबसे लम्बी नदी- चम्बल
  • चम्बल पर मानपुरी गांव के समीप जिला मंदसौर मध्य प्रदेश में गांधी सागर बांध स्थित है।
  • चुलिया जल प्रपात- भैंसरोड़गढ़
  • राणा प्रताप सागर- रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ (1970)
  • जवाहर सागर बांध- कोटा (1971)
  • चम्बल की सहायक नदियाँ- कालीसिंध, कुराल, बनास, पार्वती, मेज, बामनी, गुंजाली।
  • कालीसिंध का उद्गम- बगली गांव, मध्यप्रदेश
  • राजस्थान में कालीसिंध का प्रवेश- बीदा गांव झालावाड़

बनास-

  • कुल लम्बाई 480 किमी.
  • उपनाम- वशिष्टी वर्णाशा, वन की आशा।
  • उद्गम- खमनौर की पहाड़ी, राजसमन्द।
  • त्रिवेणी संगम-
    1. बनास + बेड़च + मैनाल
      बींगोद, माण्डलगढ़, भीलवाड़ा।
    2. बनास + खारी + डाई
      राजमहल, टोंक।
    3. बनास + चम्बल + सीप
      रामेश्वर धाम सवाई माधोपुर
  • बनास सर्वाधिक जल ग्रहण करने वाली नदी
  • सहायक नदी- बेड़च, मौसी, मानसी, धुन्ध, मोरेल, बांडी, खारी, मेनाल
  • बनास- पूर्णत बहाव की सबसे लम्बी नदी है।

गम्भिरी-

  • बेड़च की सहायक नदी है जो मध्य प्रदेश में जावेद की पहाड़ियों से निकलती है।

कोठारी-

  • उद्गम- दीवेर की पहाड़ी राजसंमद
  • मेजा बांध- कोठारी नदी पर भीलवाड़ा।

खारी नदी-

  • उद्गम- बीजग्राम की पहाड़ी राजसंमद

बाणगंगा- (अर्जन की गंगा)

  • उद्गम स्थल- बैराठ की पहाड़ी जयपुर
  • सहायक नदी- गुमटी नाला, सूरी, संवान, पलासन।

लूनी-

  • उद्गम- गोविन्दगढ़ अजमेर (320 किमी.)
  • लूनी का जल बाड़मेर के बालोतरा तक मीठा रहता है उसके बाद खारा हो जाता है।
  • जालौर के बाद रेल/नेड़ा कहा जाता है
  • मल्लीनाथ का पशु मेला लूनी पर तिलवाड़ा बाड़मेर में भरता है।
  • सहायक नदी- लिलड़ी, मिठड्डी, सुकड़ी, जोजड़ी।
  • जोजड़ी दांयी ओर से मिलने वाली एक मात्र नदी।
  • मारवाड़ का अमृत सरोवर- जवाई बांध, पाली।

माही- (कांठल की गंगा) 576 किमी.

  • उद्गम- भोपावर गांव मेहद झील थार मध्य प्रदेश।
  • त्रिवेणी संगम- नवटापुरा गांव (सोम + माही जाखम) डूंगरपुर। जहां आदिवासियों का कुंभ का मेला भरता है।
  • सहायक नदी- अनास, हरण, चाप, सोम, जाखम।

सोम-

  • उद्गम- वी. छामेड़ा की पहाड़ी, उदयपुर।
  • सहायक नदी- गोमती, सारनी, टीडी।

जाखम-

  • उद्गम- छोटी सादड़ी, प्रतापगढ़।

साबरमती-

  • उद्गम- अरावली की पहाड़ी, उदयपुर
  • सहायक नदी- बाकल, हथमती, मेश्वा।

घग्घर-

  • उद्गम- शिवालिक पहाड़ी (465 किमी.)
  • कालका नामक स्थान हिमाचल प्रदेश
  • राजस्थान में प्रवेश- टिब्बी गांव, हनुमानगढ़।
  • आन्तरिक प्रवाह की सबसे बड़ी नदी।
  • प्राचीन नाम- द्धैपवती/मृत नदी।
  • घग्घर नदी जब उफान पर आती है तो पाकिस्तान के फोर्ट अब्बास तक पहुंच जाती है जहां हकरा के नाम से जानी जाती है।

मीठे पानी की झील

जयसमन्द झील-

  • इस झील का निर्माण बरवाड़ी की खानों के सफेद सुमात्रा पत्थर से गोमती नदी पर बाँध बनाकर 1685-91 के दौरान राणा जयसिंह ने करवाया था।
  • बांध के तट पर- महाराणा जयसिंह द्वारा निर्मित नर्मदेश्वर का मंदिर बना हुआ है।
  • झील के एक तट पर महाराज कुमार के महल तथा झील के पीछे सज्जनसिंह द्वारा बसाया गया जयनगर स्थित है।
  • झील में सात बड़े टापू है सबसे बड़े का नाम- बाबा का भागड़ा। सबसे छोटे का नाम- प्यारी है।

राजसमंद झील-

  • (1662-76 ई.) नींव- कुवारी घेवर माता के द्वारा।
  • झील का उत्तरी भाग- नौ चौकी कहलाता है
  • यहां संगमरमर के 25 शिलालेखों पर रणछोड़ भट्ट के द्वारा रचित मेवाड़ का इतिहास अंकित है।
  • इस झील का निर्माण गोमती, केलवा तथा ताली आदि नदियों पर बांध बनाबर किया गया था।

पिछोला झील-

  • इस झील का निर्माण 1362 में बैल की स्मृति में एक बन्जारें ने करवाया था।
  • झील के तट पर नटणी का चबूतरा मोहन मंदिर, गोला बारुद डीपो।
  • झील में दो टापू स्थित है-
    1. जगमंदिर- कर्ण सिंह द्वारा निर्मित
    2. जग निवास- जगत सिंह द्वारा निर्मित
  • सौर ऊर्जा से चलने वाली नाव सर्वप्रथम विश्व में पिछोला झील से चलाई गई थी।
  • सिलिसेढ़- राजस्थान का नन्दन कानन कहलाती है जो अलवर में है।
  • कोलायत- बीकानेर- इस झील को थार का मरुऊथल कहा जाता है जहां कार्तिक पूर्णिमा को कपिल मुनि का मेला लगता है।

पुष्कर झील- अजमेर

  • यहां विश्व का एकमात्र प्राचीन ब्रह्माजी का मंदिर एवं पत्नि सावित्री का मंदिर स्थित है।
  • जहां कार्तिक पूर्णिमा को मेला भरता है।

फतेह सागर झील- उदयपुर

  • यहां देश की सबसे बड़ी सौर वेधशाला स्थित है जो फ्रांस एवं बेल्जियम के सहयोग से स्थापित की गई थी जिसका नाम MAST है।
  • Multi Application Solar Telescope
  • झील को ड्यूक ऑफ कनॉट भी कहा जाता है।
  • झील के समीप सहेलियों की बाड़ी (उदयपुर) स्थित है जो संग्राम सिंह द्वारा निर्मित है।

सागर झील- (अजमेर)

  • इसका निर्माण बाढ़ राहत परियोजना के तहत करवाया था

बाल समन्द झील-

  • (जोधपुर) 1159 ई. परिहार शासक बालक राव द्वारा निर्मित

मान सागर झील- जयपुर

  • यहां अन्तर्राष्ट्रीय झील सम्मेलन ताल 2007 का आयोजन किया गया था

खारे पानी की झील-

सर्वाधिक खारे पानी की झील- नागौर

सांभर झील- जयपुर

  • यह जयपुर से 65 किमी. दूरी पर है।
  • देश का सर्वाधिक 8.7% नमक उत्पादित।
  • सांभर साल्ट लिमिटेड की स्थापना 30 सितम्बर, 1964।
  • झील के तट पर देवयानी का मंदिर।
  • बिजौलिया प्रशस्ति में वासुदेव को सांभर झील का निर्माता माना गया है।

पंचपदरा- बाड़मेर

  • यहां से सर्वोच्च कोटी का नमक प्राप्त किया जाता है जिसमें 98% सोडियम क्लोराइड की मात्रा पाई जाती है।

डीडवाना- नागौर

  • यहां से प्राप्त नमक में सर्वाधिक फ्लोराइड की मात्रा पाई जाती है।
  • यहां राजस्थान स्टेट केमिकल्स वर्क्स स्थित है (1964)

अन्य झील-

  • लूनकरणसर झील- बीकानेर
  • फलौदी- जोधपुर
  • कावोद- जैसलमेर
  • कौछोर/रैवास- सीकर
  • ताल छापर- चूरू
Note: राजस्थान में 1869 ई. के जयपुर व जोधपुर रिसायतों के बीच पहली नमक संधि हुई।

राजस्थान की झीलों की जिलेवार स्थिति

  • अजमेर- आनासागर, फॉय सागर, पुष्कर।
  • अलवर- जय सागर, मानसरोवर, विजयसागर।
  • करौली- नाग तलाई, जुग्गर, ममचेड़ी, नीदर।
  • जयपुर- छापरवाड़ा, सांभर, जमवारागढ़।
  • जालौर- बांकली बांध, बीठल बांध।
  • जैसलमेर- प्रतापसागर, उम्मेद सागर, गढ़सीसर।
  • जोधपुर- प्रताप सागर, उम्मेद सागर, बालसमंद।
  • झालावाड़- मानसरोवर।
  • झुंझुनूं- अजीत सागर।
  • टोंक- बीसलपुर, टोरड़ी सागर।
  • डूंगरपुर- गैव सागर, सोम कमला।

तालाब-

  • रणथम्भौर- सुखसागर, कालासागर, जंगली।
  • पाली- वानक्रिया, मुरालिया, सेना-पानी तालाब।
  • बूंदी- कीर्तिमोरी, बरड़ा, हिण्डोली।
  • भरतपुर- पार्वती, बारेठा, तालाब।
  • जैसलमेर- गढ़सीसर, तालाब।
  • डूंगरपुर- एडवर्ड सागर।
  • प्रतापगढ़- रायपुर, गंधेर, खेरोट, घोटार्सी, ढलमु, अचलपुर, जाजली, अचलावदा, सांखथली तथा तेजसागर तालाब।

प्रमुख परियोजनाऐं-

गंगनहर-

  • यह राजस्थान की प्रथम नहर परियोजना है।
  • जिसका निर्माण बीकानेर के तत्कालीन महाराजा गंगासिंह ने करवाया था।
  • नींव 26 अक्टूबर, 1927 को वायसराय लार्ड इरविन ने रखी थी।
  • यह सतलज नदी से पंजाब में हुसैनी वाला (फिरोजपुर) से निकाली गई
  • राजस्थान में गंगानगर जिले के शिवपुर हैड (खख्खा गांव) के पास प्रवेश करती है।
  • प्रमुख शाखा- लालगढ़, लक्ष्मीनारायण, करणी जी, समीजा।

राजस्थान नहर-

  • नहर के प्रणेता- कँवरसेन
  • प्ररेणा- गंगनहर
  • उद्गम- सतलज-व्यास
  • नदियों के संगम पर फिरोजपुर पंजाब में हरि के बैराज (1952) से।
  • कुल लम्बाई – 649
  • नहर का कार्य दो चरणों में पूर्ण हुआ।
प्रथम चरणद्वितीय चरण
169 किमी. हरियाणा, पंजाब189 किमी. शाहगढ़
35 किमी. मसितावाली, हनुमानगढ़256 गदरारोड़, बाड़मेर
  • राजस्थान नहर का नाम परिवर्तित 2 नवम्बर, 1984 को इंदिरा गांधी नहर परियोजना कर दिया गया था।
  • यह राजस्थान में 480 किमी. पंजाब, हरियाणा में 169 किमी. है नहर कुल की शाखा सहित लम्बाई 9425 किमी. है।

सात प्रमुख शाखाऐं-

दो निर्माणधीन- कुल – 9

  1. कंवरसेन लिफ्ट नहर
  2. साहवा लिफ्ट नहर
  3. बांगड़सर लिफ्ट नहर
  4. कोलायत लिफ्ट नहर
  5. पोकरण लिफ्ट नहर
  6. गजनेर लिफ्ट नहर
  7. फलौदी लिफ्ट नहर
  8. सागरमल गोपा
  9. शहीद बीरबल

चम्बल परियोजना-

  • यह राजस्थान एवं मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना।
  • इसमें राजस्थान का 50% हिस्सा है।
  • परियोजना का कार्य तीन चरणों में पूर्ण हुआ।
    1. गाँधी सागर बाँध (प्रथम चरण)
      यह मानपुरी गांव, मंदसौर मध्य प्रदेश में है।
    2. राणा प्रताप सागर बांध (द्वितीय चरण)
      यह भराव की दृष्टि से राज्य का सबसे बड़ा बाँध है।
    3. जवाहर सागर बाँध (तृतीय चरण)
      यह केवल पिक-अप बांध है जिसमें गांधी सागर बांध व राणा प्रताप सागर बाँधों से छोड़ा गया पानी इकट्ठा किया जाता है यह कोटा से 10 मील दक्षिणी में स्थित है जिसे कोटा बांध भी कहते है।

भाखड़ा-नांगल-

  • यह देश की सबसे बहुउद्देशीय योजना है जो पंजाब, हरियाणा, राजस्थान की संयुक्त है राजस्थान का इसमें 15.2% हिस्सा है।
  • भाखड़ा-नांगल बांध- यह 226 मीटर ऊँचा एवं 518 मीटर लम्बा है। जो भारत का सबसे ऊँचा बांध है।
  • इसे जवाहर लाल नेहरू ने चमत्कारी विराट वस्तु कहा है।

व्यास परियोजना-

  • यह पंजाब, हरियाणा, राजस्थान की संयुक्त परियोजना है इसे जवाहर लाल नेहरू ने आधुनिक भारत का मन्दिर कहा है।

माही बजाज सागर परियोजना-

  • यह राजस्थान (45%) तथा गुजरात (55%) की संयुक्त परियोजना है (1966 ई. में दोनों राज्यों के बीच समझौता)
  • स्वतंत्रता सेनानी जमना लाल बजाज के नाम से संचालित (निर्माण 1972 ई.)
  • जल प्रवाहित – 1983 में
  • 25-25 मेगावाट की दो इकाईयां
  • बाँसवाड़ा में माही बजाज सागर बांध (3109 मीटर) स्थित है

जाखम परियोजना-

  • अनूपपुरा गांव, प्रतापगढ़
  • जाखम बांध- 81 मीटर ऊँचा
  • 253 मीटर, लम्बा (चिनाई की दृष्टि से एशिया का सबसे ऊँचा बांध)

पाँचना बांध-

  • गुड़ला गांव, करौली मिट्टी से बना राजस्थान का सबसे बड़ा गांव है। जो अमेरिका के सहयोग से स्थापित है।
अजमेर का समुद्र- नारायण सागर बांध
बांकली बांध (जालौर)- सुकड़ी व कुलथाना नदियों के संगम पर।
अड़वान बांध- भीलवाड़ा (मानसी नदी पर)
रेड़ियो, चिरमरी, कालासोह बांध- दौसा
सेवर, अजान, बांध बारेठा- भरतपुर
मेजा बांध (ग्रीम माउण्ट)- भीलवाड़ा
गरदड़ा, गुढ़ा बांध- बूँदी

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